टिप्पणियां/ प्रतिक्रियाएं |
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निम्नलिखित प्रतिक्रियाएं हमें अपने लक्षित पाठकों में उच्चतम स्तर पर आसीन विशिष्ठ व्यक्तियों से प्राप्त हुई हैं।
कृपया अपने अभियान की सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं स्वीकार करें। ललित मानसिंह, पूर्व विदेश सचिव और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत
सबसे पहले आपकी इस पहल और इस प्रभावशाली वेबसाइट को शुरू करने के लिए मैं आपके समूह को बधाई देता हूँ। आप प्रत्येक पखवाड़े में कोई एक विषय लेकर तीन/चार विशिष्ठ व्यक्तियों से उनके विचार प्राप्त करने के पश्चात उन पर पाठकों की टिप्पणियाँ प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए विषय जैसे पुलिस व्यस्था में सुधार, प्रशासनिक सेवाओं में सुधार, न्यायिक प्रशासन, आदि। आप अपनी वेबसाइट पर एक शिकायत मंच की शुरुआत कर सकते हैं जहाँ आप जनता से सार्वजानिक प्रशासन में सुधार लाने के लिए सुझाव आमंत्रित कर सकते हैं; समस्याएं जो व्यक्तिगत न हो बल्कि वो जिनसे आम जनता प्रभावित हो रही हो और फिर इन्हें संबंधित अधिकारियो के संज्ञान में ले जा सकते हैं। आप प्राप्त हुई प्रतिक्रियाओं का प्रचार कर सकते हैं। आप एक 'इनोवेशन कॉर्नर' शुरू कर सकते हैं जहाँ आम नागरिक सार्वजनिक कार्यालयों में अत्यधिक खर्च के बगैर काम-काज से संबंधित सुधारों पर अपने सुझाव दे सकते हैं। आप पुस्तक समीक्षा के लिए एक नया सेक्शन प्रारंभ कर सकते हैं जहाँ महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षा की जा सकती है। टी एस कृष्णामूर्ति, भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
आपके पत्र के लिए आपको धन्यवाद। मैं अपने सहयोगी श्री सेंथिल कुमार, निदेशक (आई0 ई0 सी0) से अनुरोध कर रहा हूँ की वे मानद सलाहकार के रूप में आपकी वेबसाइट के लिए अपनी सेवाएँ प्रदान करें। वे आपके कार्यक्रम को मजबूत सहयोग प्रदान करेंगे। एम एस स्वामीनाथन, संसद सदस्य (राज्य सभा) एवं अध्यक्ष, एम0 एस0 स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन
श्री पुलक चटर्जी को अपनी वेबसाइट के विषय में ईमेल और प्रचार पुस्तिका भेजने के लिए धन्यवाद। आपकी ये नवीन पहल समाज में इन विषयों में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए नए विचारों का स्त्रोत होगी। आपकी सफलता के लिए हमारी ओर से आपको शुभकामनाएं। नागराजू मडडीराला कृते श्री पुलक चटर्जी, विश्व बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के लिए कार्यकारी निदेशक
मैं आपको अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित हुए लेखों की पुस्तिका भेजने के लिए धन्यवाद देता हूँ। यह एक उत्कृष्ट पहल है और जब भी मेरे पास आपके लिए कोई सुझाव होगा तो मैं अवश्य संपर्क करूंगा। शुभकामना के साथ, बिमल जालान, पूर्व गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक
आपके ईमेल के लिए धन्यवाद। मैं आपकी पहल की सराहना करता हूँ और आपको बधाई देता हूँ। श्याम बेनेगल, संसद सदस्य (राज्य सभा) एवं फिल्म निर्माता
आपके ईमेल संदेश के लिए धन्यवाद और इस प्रशंसनीय पहल के लिए आपको बधाई। जब भी संभव होगा, मुझे योगदान करके प्रसन्नता होगी। जी पार्थसारथी, पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त
श्री जगदीश खट्टर से संपर्क करने और पॉलिसी प्रपोज़ल्स फॉर इण्डिया के विषय में जानकारी देने के लिए आपका धन्यवाद। वे आपको इस सराहनीय पहल के लिए शुभकामनाएं देते हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है की आपके ये प्रयास भविष्य में निश्चित रूप से फलीभूत होंगे। कुणाल खट्टर, कृते श्री जगदीश खट्टर, अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक, कारनेशन ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं पूर्व प्रबंध निदेशक, मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड
यह एक अच्छी पहल है और मैं आपको शुभकामना देता हूँ। रामचंद्र गुहा, लेखक एवं इतिहासकार
मैं आपको और आपके समूह को नीतिगत सुधारों के लिए एक नई वेबसाइट शुरू करने की पहल के लिए बधाई देता हूं। शुभकामना के साथ,
प्रोफ़ेसर के विश्वेश्वर राव, अध्यक्ष, स्नातकोत्तर अध्ययन बोर्ड, सामाजिक कार्य विभाग, आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापट्टनम
मुझे आपकी इस वेबसाइट शुरू करने की पहल से अत्यंत प्रसन्न हूँ। आपके द्वारा चुने गए विषय उपयुक्त और सामयिक हैं। मैं इस प्रयास की सफलता की कामना करता हूँ। कर्नल आर जौहरी, वरिष्ठ फेलो, ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी), इण्डियन हैबिटेट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली
इस रचनात्मक और सुलभ वेबसाइट के लिए आपको बधाई। इसमें लिखे हुए लेख आपकी वेबसाइट के उद्देश्य के अनुसार प्रासंगिक हैं। शुभकामनाएँ कुल भूषण, अप्रवासी भारतीय पत्रकार एवं लेखक
मैं सत्ता में ऊँचे पदों पर आसीन व्यक्तियों तक जन-साधारण की उपेक्षाओं की आवाज़ पहुँचाने के लिए प्रारंभ किये गए इस वेब-पोर्टल के लिए आपको बधाई देना चाहता हूँ। मुझे आपके विचार और लेख वास्तव में बहुत अच्छे लगे। विवेक जायसवाल, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेकनोलोजी, कैम्ब्रिज, एम ए
आपका लेख 'Launch the mother of all reforms - Tax party funds' बहुत अच्छा है। राजनैतिक दलों द्वारा बड़े पैमाने पर उत्पन्न/निर्मित किया हुआ पार्टी कोष ही हमारे देश में सभी भ्रष्टाचार जनित समस्याओं का मूल कारण है। इस एक अधिनियम/नीति में देश में गरीबी समेत फैली हुयी समस्त बुराइयों को जड़ से साफ़ कर देने की क्षमता है। अब वह समय आ गया है कि हमें, जब सम्पूर्ण विश्व भारत की ओर देख रहा है जो वैश्विक आर्थिक मंदी के इस उदासीनता भरे दौर में भी अपनी चमक बरक़रार रखे हुए है, एक नई सामाजिक आर्थिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए पहल करनी चाहिए। अजय सिन्हा, प्रबंध निदेशक, एक्सेस कम्प्यूटेक प्राइवेट लिमिटेड, वडोदरा, गुजरात
मैंने आपका लेख 'Private Enterprise In Infrastructure - An inevitable necessity' पढ़ा। आपने कहा कि बुनियादी ढांचे से सम्बंधित व्यापार करने वाले निजी उपक्रमों को कर में 100 प्रतिशत कि छूट दी जाए। सवाल ये है कि ये छूट हमेशा के लिए होनी चाहिए या फिर थोड़े समय के लिए। वैसे सरकार बुनियादी ढांचे से सम्बंधित कार्यों के लिए निजी उपक्रमों, यहाँ तक कि विदेशी संगठनो से भी निविदाये आमंत्रित करती हैं परन्तु प्राथमिकता सदैव सार्वजनिक उपक्रमों को ही देती है मुझे लेखों में दी हुई सामग्री अच्छी लगी और मैं आपके प्रयासों कि सराहना करता हूँ। संदीप पटेल, सेंट्रल क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया |