पॉलिसी प्रपोज़ल्स फॉर इण्डिया डॉट कॉम

पॉलिसी प्रपोज़ल्स फॉर इण्डिया डॉट कॉम एक निरंतर विकासशील शोध-परक उद्यम है जो भारत के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, पत्रकारों और सरकार तथा उद्योग जगत मे हर स्तर पर कार्यरत नीति-निर्धारकों तक पहुँचने का उद्देश्य रखता है। ये वेबसाइट मुख्यतः देश के समक्ष उपस्थित कठिनतम चुनौतियों की तरफ ध्यान केंद्रित करती है और साथ-साथ ऐसे ठोस नीतिगत सुझाव प्रदान करने का प्रयास करती हैं जो इसके लक्षित पाठकों को उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहायक सिद्ध हो। इस वेबसाइट पर लोक-प्रशासन, सामरिक-मामलों, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और विज्ञान ऐवं प्रौद्योगिकी जैसे विस्तृत विषयों पर लेख संकलित किये गये है।
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भारत क्यों बार बार विफल रहता है
विशेष आर्थिक क्षेत्र पर आधारित विकास की अपनी नीतियों के चलते केंद्र व राज्य सरकारें राज्य अभियांत्रिकी सेवाओं की दुर्दशा की अनदेखी करती जा रही हैं।
पोस्ट पर : 2010-02-19 more
भारत में आतंकवाद से मुकाबला - कुछ नीतिगत सुझाव
भारत सरकार त्वरित स्तर पर और लम्बी अवधि में कई ऐसे नीतिगत उपायों को अमल में ला सकती है जिस से इस खतरे से निपटा जा सकता है और देश को इस लड़ाई को जीतने के लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति के साथ-साथ रणनीतिक कौशल भी परिचय देना होगा।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
ई-कचरा प्रबंधन - भारत को अब कदम उठाने होंगे
भारत को इ-कचरे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए यूरोपीय देशों में प्रचलित व्यवस्था Extended Producer Responsibility (विस्तारित निर्माता जवाबदेही) की तर्ज़ पर पुनर्चक्रण प्रक्रिया विकसित करनी चाहिए।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
भारत में राजनीतिक निष्क्रियता
भारतीय राजनेताओं की किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने की प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र में नए विचारों और युवा रक्त के प्रवाह को रोक रही है। क्या इसका कोई हल है?
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
भारत में जल प्रदूषण - एक नए दृष्टिकोण की आवश्यक्ता
सरकार को जल प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं पर धन व्यय करने के बजाय जल शोधन संयंत्रों की स्थापना को बढ़ावा देना चाहिए और इसके लिए सब्सिडी और अनुसंधान पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
प्रौद्योगिकी कैसे शासन प्रणाली में सुधार ला सकती है
यह लेख कुछ व्यवहारिक उदाहरणों की मदद से ये प्रदर्शित करता है कि सरकारी तंत्र में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से क्या प्रभाव पड़ सकता है और उसकी कार्यकुशलता कैसे बढ़ाई जा सकती है।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
भारत में भुखमरी की समस्या का निदान: भोजन को एक मौलिक अधिकार बनाएँ
आजादी के 60 वर्षों के बाद भी सभी सरकारी योजनायें मिलकर भी भारत से भुखमरी की समस्या तो जड़ से खत्म करने में असफल रही हैं। इस संबंध में केवल एक अच्छी तरह से परिभाषित मौलिक अधिकारों से संबंधित क़ानून ही मौजूदा परिदृश्य को बदलने के लिए उत्प्रेरक सिद्ध हो सकता है।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
राजनैतिक सुधारों की जननी - राजनीतिक दलों के पार्टी फंड पर कर
इस लेख के द्वारा हम एक ऐसे नियम की वकालत करते हैं जो सत्ता के उच्च स्तरों पर व्याप्त भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
आणविक खेती - विकासशील देशों में संभावनाएं
यह लेख आणविक खेती से होने वाले लाभ और व्यावसायिक स्तर पर खेती करने की आवश्यक्ता को रेखांकित करता है ताकि दवाओं और कृषि उत्पादों की बढती हुई मांग को पूरा किया जा सके।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
राजस्थान पर्यटन विकास निगम - भारत में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक मिसाल
भारतीय पर्यटन उद्योग अपनी सभी खूबियों के बावजूद कुछ मुठ्ठी भर कठनाइयों और बाधाओं जैसे शातिर दलालों, अपर्याप्त सुविधाओं और दयनीय बुनियादी ढांचे, आदि से अछुता नहीं है। इस संदर्भ में राजस्थान पर्यटन विकास निगम एक अनुकरणीय मिसाल बन कर उभरा है।
पोस्ट पर : 2010-02-20 more
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